Posted Mar 8, 2025
Posted Mar 8, 2025
Posted Mar 8, 2025
Posted Mar 7, 2025
30 जून और 31 दिसंबर को रिटायर होने वाले राज्य सरकार के कर्मचारियों की वेतनवृद्धि अगर एक जुलाई और 31 दिसंबर को होती थी, तो उसका लाभ पेंशन और ग्रेच्युटी के रूप में उन्हें नहीं मिल पाता था। इसके बाद इसे राज्य कर्मचारियों पर भी लागू करने का फैसला लिया गया। अब सेवानिवृत्ति के ठीक अगले दिन एक जुलाई और एक जनवरी को वेतनवृद्धि नियत होने पर ऐसे कार्मिकों की पेंशन गणना एक वेतनवृद्धि जोड़कर की जाएगी।यदि किसी जूनियर का वेतन निर्धारण सीनियर से ज्यादा हो गया हो तो उसे समायोजित करने की प्रक्रिया नोशनल वेतनवृद्धि है। लेकिन, कई बार जूनियर प्रमोशन पाकर अपने सीनियर से आगे निकल जाता है। ऐसी स्थिति में सीनियर की पदोन्नति की जाती है, जिसे नोशनल प्रमोशन कहते हैं। नोशनल प्रमोशन के बाद बैकडेट से मिलने वाली वेतनवृद्धि को नोशनल वेतनवृद्धि कहा जाता है। ये पदोन्नति और वेतनवृद्धि काल्पनिक न हो कर वास्तविक हैं। यानी कर्मचारियों की वेतनवृद्धि केवल कागज पर ही नहीं होगी बल्कि उन्हें रिटायरमेंट के ठीक बाद होने वाली वेतनवृद्धि का वास्तविक वित्तीय लाभ मिलेगा।